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Karthik Purnima 2022 | इस दिन है ‘कार्तिक पूर्णिमा’, लगेगा इस साल का अंतिम चंद्रग्रहण और मनेगी ‘देव दीपावली’

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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सनातन धर्म में ‘ग्रहण’ (Grahan) को अशुभ माना जाता है। इस दौरान कई कार्य करना वर्जित माना जाता है। साल 2022 का दूसरा व आखिरी ‘चंद्र ग्रहण’ (Chandra Grahan) 8 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन लग रहा है। पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को लग चुका है। इस साल कुल चार ग्रहण लगे हैं, जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण है। इस साल 8 नवंबर को चंद्र ग्रहण का समय दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से संध्या 7 बजकर 27 मिनट तक है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ‘सूर्य ग्रहण’ (Surya Grahan) के ठीक 15 दिन बाद ‘चंद्र ग्रहण’ (Chandra Grahan) लगता है। इस बार ‘दिवाली’ (Diwali) पर 25 अक्टूबर के दिन सूर्य ग्रहण लग रहा है और ठीक इसके 15 दिन बाद यानी देव दीपावली पर चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसलिए अधिकतर लोग एक दिन पूर्व ही 7 नवंंबर को देव दीपावली का त्‍योहार मनाएंगे। मालूम हो कि सूर्य ग्रहण हमेशा ‘अमावस्या’  (Amavasya) और चंद्रग्रहण हमेशा ‘पूर्णिमा’ (Purnima) के दिन लगता है।

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चंद्र ग्रहण लगने से 9 घंटे पूर्व सूतक काल शुरू हो जाता है। ऐसे में सूतक लगने से पहले ही देव दीपावली मनाई जाएगी। हालांकि पुजारी राकेश पांडेय के अनुसार, दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इस चंद्र गहण का धार्मिक व कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए इस दौरान पूजा पाठ में भी कोई परेशानी नहीं है, फिर भी, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण समाप्‍त होने के बाद स्नान कर भोजन करना उचित होगा।

पुजारी राकेश पांडेय के अनुसार, चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण लगने से सभी राशियों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। राशियों के अनुसार ही लोगों को व्यापार, नौकरी, पढ़ाई आदि क्षेत्र में कार्य करना चाहिए। इतना ही नहीं, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को भी ग्रहण के समय सतर्क रहना चाहिए। इस दौरान घर के बाहर खुले आसमान के नीचे निकलना नहीं चाहिए। कुछ भी खाने-पीने से बचना चाहिए।



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