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जाने बाबा महेंद्रनाथ मन्दिर की कहानी Baba Mahendra Nath Mandir Mehdar story

जाने बाबा महेंद्रनाथ मन्दिर की कहानी Baba Mahendra Nath Mandir Mehdar story

ऐसी मान्यता है कि ऐतिहासिक व पौराणिक महत्त्व के धनी बाबा महेन्द्रनाथ मंदिर के इस प्राचीन शिवालय स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से सारी मनोकमानएं पूरी होती है। नि:संतानों को संतान तथा  चर्म रोगियों को भी उसकी बीमारी से निजात मिल जाती है ।

ऐतिहासिक व पौराणिक महत्त्व

महेंद्रनाथ मन्दिर बिहार Mahendra Nath Mandir Bihar के सीवान जिला siwan district में  सिसवन प्रखण्ड में मेंहदार गांव में स्थित है भगवान शिव के प्राचीन मंदिर, जो की 500 साल पुराना है

बाबा महेंद्रनाथ मन्दिर का निर्माण नेपाल के राजा नरेश महेंद्रवीर विक्रम सहदेव सत्रहवीं शताब्दी में करवाया था ऐसी मान्यता है महेन्द्रनाथ मंदिर के इस प्राचीन शिवालय स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से सारी मनोकमानएं पूरी होती है। और नि:संतानों को संतान तथा चर्मरोगियों को भी उसकी बीमारी से निजात मिल जाती है ।

कहा कहा से लोग आते है महेंद्रनाथ मन्दिर

यह मन्दिर बिहार का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। मेंहदार में महेंद्रनाथ बाबा Mahendra Nath Mandir Mehdar  के दर्शन पूजन के लिए गोपालगंज, छपरा, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, वैशाली, गया, आरा, कोलकाता, झारखण्ड व उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त नेपाल से भी लोग आते हैं।

मेंहदार बाबा महेन्द्रनाथ मंदिर की कहानी

कहा जाता है कि आज से 500 साल पहले नेपाल में नरेश महेंद्रवीर विक्रम सहदेव रहते थे उनको कुष्ठरोग हो गया था । बहुत परेशान रहते थे।

बहुत जगह अपना इलाज करा चुके थे पर ठीक नहीं हो रहा था एक बार वह अपने कुष्ठरोग का इलाज़ कराने वाराणसी जा रहे थे जाने के दौरान  मेंहदार गांव के पास जंगल में आराम करने के लिए एक पीपल के पेड़ के निचे रुके।

वह आराम करने से पहले हाथ पैर धोने के लिए पानी की तलाश रहे थे। काफी तलाशने के बाद उन्हें एक छोटे गड्ढे में पानी मिला। और कोई दूसरा पानी का साधन नहीं था पास में।  राजा उसी गड्ढे में हाथ पैर धोने लगे पर जैसे ही हाथ लगाया पानी में।  राजा का हाथ का कुष्ठरोग ठीक हो गया ये देख कर पुरे शरीर में पानी लगाया उनका कुष्ठरोग ठीक हो गया।

फिर राजा आराम करने लगे उसी पीपल के पेड़ के निचे।  राजा ने सपने में देखा की शंकर भगवान सपने में आकर बोले की इसके निचे एक शिवलिंग है और गड्ढे को एक विशाल पोखरा का रूप दो जिस से सभी का कल्याण होगा

सपने में आये शिव जी के कहे अनुसार राजा ने वही पर  552 बीघा में पोखरा खोदवाया और शिव मन्दिर का निर्माण करवाय।  जो मेंहदार शिवमंदिर और महेन्द्रनाथ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ

हज़ारो की संख्या में नवविवाहित जोड़ा और उनके परिजन बाबा महेन्द्रनाथ का आशीर्वाद लेने आते है। बच्चो के मुंडन समेत भजन- कीर्तन के लिए भी लोग समूह में दूर दूर से आते है ।

महेंद्रनाथ मंदिर आने की सुविधा

सिवान या छपरा से नजदीकी रेलवे स्टेशन महेंद्रनाथ हाल्ट है। यहां से शेयरिंग आटो या रिज़र्व ऑटो से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है । बस या निजी वाहन से भी सड़क मार्ग द्वारा पंहुचा जा सकता है ।

How to Reach Baba Mahendra Nath Mandir

जहाज़ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नजदीकी एयरपोर्ट जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट पटना (110 किलोमीटर लगभग) और महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (160 किलोमीटर लगभग) है ।