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हाइलाइट्स

इस बात का अब पुख्ता प्रमाण है कि महिला और पुरुष दोनों में मोटापा का सीधा संबंध पाचन तंत्र के कैंसर से जुड़ा हुआ है.
मोटापे के कारण हार्मोन से जुड़े कैंसर जैसे कि महिलाओं में ब्रेस्ट और यूटेरस कैंसर का जोखिम बढ़ रहा है.

Can obesity lead to cancer: मोटापा दुनिया की बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है. पिछले 30 सालों में मोटे लोगों की संख्या 3 गुना बढ़ी है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पूरी दुनिया में करीब दो अरब से ज्यादा लोगों का वजन बढ़ा हुआ है. रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मोटापे के कारण कैंसर के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. स्टडी में दावा किया गया है कि बहुत जल्दी मोटापे के कारण होने वाले कैंसर स्मोकिंग की जगह ले लेगा. यानी अब तक स्मोकिंग के कारण सबसे ज्यादा कैंसर होता है लेकिन आने वाले समय में मोटापे के कारण कैंसर के मामले का सबसे ज्यादा आने का खतरा बन गया है.

फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने डॉ अपर्णा गोविल भास्कर के हवाले से लिखा है कि मोटापे की वजह से टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, कोलेस्ट्रॉल, ज्वाइंट पेन, पीसीओएस, इनफर्टिलिटी जैसे बीमारियां हो जाती है. हमारी शारीरिक शिथिलता इसमें सबसे बड़ा योगदान देती है.

महिलाओं को ज्यादा खतरा
द इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि बढ़ता बीएमआई यानी बढ़ते वजन के कारण 13 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ने लगा है. इस बात का अब पुख्ता प्रमाण है कि महिला और पुरुष दोनों में मोटापा का सीधा संबंध पाचन तंत्र के कैंसर से जुड़ा हुआ है. वहीं मोटापे के कारण हार्मोन से जुड़े कैंसर जैसे कि महिलाओं में ब्रेस्ट और यूटेरस कैंसर का जोखिम बढ़ रहा है. इस तरह देखा जाए महिलाओं में मोटापे के कारण कैंसर का जोखिम कहीं ज्यादा है. गतिहीन लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी में कमी न सिर्फ मोटापा को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है बल्कि यह कई अन्य बीमारियों को भी बढ़ाता है. डॉक्टर कहते हैं कि यदि कैंसर से बचना है तो इन सारी बातों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाने की जरूरत है. पहले तो यह जानें कि मोटापे के कारण कितने तरह के कैंसर का जोखिम रहता है.

मोटापे के कारण हो सकता है इतने तरह का कैंसर

1.यूटेरस का इंडोमेटेरियल कैंसर
2.पोस्ट मेनोपॉजल ब्रेस्ट कैंसर
3.ओवेरियन कैंसर
4.फूड पाइप में कैंसर
5.गैस्ट्रिक या पेट का कैंसर
6.कोलो-रेक्टर कैंसर
7.पैंक्रियाटिक कैंसर
8.लिवर कैंसर
9. गॉल ब्लैडर कैंसर
10.किडनी कैंसर
11.मैनजियोमा
12.मल्टीपल मयेलोमा
13.थायरॉयड कैंसर
कैंसर से बचने का ये है तरीका
डॉ. अपर्णा बता रही हैं कि चूंकि कैंसर का मोटापा से बहुत मजबूत संबंध साबित हो गया है, इसलिए किसी भी हाल में वजन को बढ़ने नहीं दें. मोटापा पर लगाम लगाने से न सिर्फ कैंसर बल्कि कई अन्य बीमारियां का भी जोखिम हमेशा बना रहता है. इसके अलावा कैंसर न हो, इसके लिए कई तरह के काम करने होंगे. शिथिल जीवन को त्यागना होगा. मसलन हमेशा शरीर को गतिशील रखना होगा. आलसीपन कई बीमारियों की जड़ है. शरीर को गतिशील बनाए रखने के लिए पैदल चलना, दौड़ना, एक्सरसाइज करना जरूरी है. कैंसर से बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. जंक फूड, फास्ट फूड, सिगरेट, शराब, तंबाकू, गुटखा, डीप फ्राई फूड, बहुत अधिक मीठी चीजें आदि को एकदम छोड़ दें. जितना संभव हो सके डाइट में फाइबर को शामिल करें. सीजनल हरी पत्तीदार सब्जियां, मोटा अनाज, साबुत अनाज, अंकुरित अनाज, ताजे फल आदि भोजन में रोजाना शामिल करें. हर रोज सलाद खाएं. सप्ताह में कम से कम 40 से 45 घंटे फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें. नियमित रूप से जांच कराते रहे क्योंकि इससे शुरुआत में बीमारी का पता लगने की संभावना ज्यादा रहती है. इससे बीमारी का पूरी तरह से इलाज किया जा सकता है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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