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Anxiety: मानसिक स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचाता है फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

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How to Reduce Anxiety Immediately: फ्री-फ्लोटिंग एंग्जायटी, एंग्जायटी का ही एक प्रकार है जिसमें व्यक्ति चिंता से ग्रसित होता है लेकिन एंग्जायटी की तरह किसी एक घटना या फिर बिंदु से संबंधित नहीं होती. फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी शब्द का प्रयोग अक्सर बेचैनी, घबराहट, चिंता और चिंता की भावनाओं का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो बिना किसी कारण के प्रकट होते हैं.

वेरीवले माइंड के अनुसार फ्ली फ्लोटिंग एंग्जायटी अक्सर सामान्य चिंता विकार के साथ होता है लेकिन इसके लक्षण दूसरे चिंता स्थितियों के साथ भी होता है. आइए जानते हैं कि इसका हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है और इसके लक्षण क्या है…

फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी के लक्षण
एंग्जायटी की ही तरह यह भी हमारे मानसिक स्वास्थ्य को ट्रिगर करती है. इसका हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है. चिंता होना, डर लगना, असहज महसूस करना, घबराहट होना, बेचैनी महसूस करना, तनाव होना आदि फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी के लक्षण हैं. ये सभी एक हमारे जीवन में होने वाली सामान्य समस्याएं हैं लेकिन यह कभी कभी हमारे मानसिक स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचाती हैं.

फ्री-फ्लोटिंग चिंता के कारण
फ्री फ्लोटिंग चिंता के फिलहाल सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं पाए हैं. हालांकि इसके पीछे निम्न कारण हो सकत हैं…

ब्रेन कमेस्ट्री: जो लोग अधिक चिंता का अनुभव करते हैं, उनके मस्तिष्क की संरचना या प्रणालियों में कुछ हद तक अंतर हो सकता है जिसके कारण फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है. सेरोटोनिन नामक हार्मोन फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी की भावनाओं को बढ़ाने के लिए कारगर होती है.

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आनुवंशिकी: कई बार फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी के मामले आनुवांशिक वजहों से होती है. जिन लोगों के परिवार को चिंता विकार का इतिहास होता है उनमें यह पाए जानें की संभावना कई गुना अधिक होती है.

अनुभव: नकारात्मक या दर्दनाक अनुभव भी लोगों को चिंतित, भयभीत और चिंतित महसूस कराने में भूमिका निभा सकते हैं.

पालन-पोषण: कई बार पालन पोषण भी फ्री फ्लोटिंग एंग्जायटी का कारण बन जाती है. सामाजिक परिवेश और माहौल ऐसी बीमारियों को बढ़ावा देने के पीछे एक प्रमुख कारण हो सकता है. अक्सर सामाजिक वातारण में बहुत कुछ ऐसा होता है जिसका हमारे मन और दिमाग में गहरा प्रभाव पड़ता है जिससे एंग्जायटी की समस्या होती है.

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फ्री-फ्लोटिंग एंग्जायटी से बचाव के तरीके
अल्कोहल का सेवन: अक्सर लोगों को लगता है चिंता या अवसाद के समय शराब का सेवन करने से राहत महसूस होगी लेकिन, शराब या अन्य पदार्थों की ओर मुड़ने से कुछ देर की राहत मिल सकती है लेकिन अक्सर लंबी अवधि में इससे भी बदतर समस्याएं पैदा होंगी.

संतुलित और पोषण युक्त आहार लें: कुछ शोध बताते हैं कि पोषण चिंता में काफी अहम भूमिका निभा सकता है, इसलिए स्वस्थ और पोषण युक्त आहार खाने से आपको बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है.

व्यायाम: हेल्थ को लेकर हुए अध्ययन में यह सामने आया है कि जो लोग व्यायाम और एक्सरसाइज करते हैं वे चिंता विकार से कम ग्रसित होते हैं. व्यायाम अक्सर चिंता को कम करने में मदद करता है. इसलिए जरूरी है कि आप व्यायाम को अपनी डेली रूटीन में शामिल करें.

पर्याप्त नींद लीं: जब आप पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते तो इसका असर हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर ही पड़ता है. डॉक्टर्स हमेंशा ही अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-9 घंटे की नींद लेने की सलाह देते हैं. पर्याप्त नींद लेने से आप पूरे दिन रिलैक्स फील करेंगे और साथ ही यह आपको एनर्जेटिक रखेगी.

Tags: Anxiety, Health, Lifestyle

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