Health

H3N2 फ्लू के लक्षण, कारगर उपाय, बचाव के इन बातों पर दें ध्यान

H3N2 वायरस के कारण श्वसन तंत्र के ऊपरी मार्ग, कई बार फेफड़ों में सूजन आ जाती है। यह इसके एलर्जिक और इंफ्लामेट्री प्रवृत्ति के कारण हो सकता है। ऐसें जिन्हें दमा नहीं है, उनमें भी दमा जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं।

एच3एन2 H3N2 से होने वाले फ्लू के लक्षण इस बार ठीक होने में लंबा समय ले रहे हैं। खासकर, गले में खराश व सूखी खांसी लंबे समय तक बनी हुई है। 

गले में संक्रमण या खराश होने पर आमतौर पर पांच से सात दिनों में आराम आ जाता है। डॉक्टर से जरूर मिलें अगर-

H3N2 फ्लू के लक्षण

●घरेलू उपायों के बावजूद समस्या गंभीर हो रही है

●गले में सूजन व तेज दर्द हो ●सांस लेने में तकलीफ व मुंह खोलने में परेशानी है

●लगातार बुखार रहे

●बलगम के साथ खून आए

इन बातों पर दें ध्यान

●भीड़ वाली जगह जाने से बचें। हाथों की सफाई का ध्यान रखें। मास्क पहनें। घर के अंदर की हवा शुद्ध रखें।

●बाहर खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थ या कम सफाई व खराब गुणवत्ता वाली चीजें खाना गले को नुकसान पहुंचाता है।

खासकर जब शरीर की इम्युनिटी पहले ही कम हो।

●जिन्हें साइनस की समस्या है, उनमें बलगम गले में गिरता है। यह भी संक्रमण बढ़ा देता है और खराश रहने लगती है।

● गले की खराश व फ्लू होने पर तेज गर्म पानी की बजाए गुनगुना पानी पिएं। पूरे दिन गर्म पानी न पिएं। सुबह, शाम और रात में गुनगुना पानी पीना पर्याप्त है। बाकी समय सामान्य तापमान का पानी पिएं। लंबे समय तक गर्म पानी पीना पेट की इम्युनिटी कम कर देता है। ऐसे में जब भी बाहर का पानी पीते हैं तो गले के साथ पेट भी खराब हो जाता है।

●गले की खराश के लिए चूसने वाली गोलियां, कुछ ही समय राहत देती हैं। इससे स्थायी आराम नहीं मिलता। बेहतर है गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें। स्वयं से कोई भी दवा या सिरप लेने से बचें। अगर सूखी खांसी है, तो उसके लिए दूसरी तरह का सिरप लेना खांसी बढ़ा देता है। इसी तरह एंटीबायोटिक्स दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें। बच्चों व बुजुर्गों के लिए खास एहतियात जरूरी है।

●गले की सफाई रखें। दिन में दो बार ब्रश करें। खासकर, रात में मीठा खाने पर ब्रश जरूर करें। मीठी चीजें संक्रमण बढ़ाती हैं। कुछ भी खाने के बाद कुल्ला करें। गला जितना साफ रहेगा, संक्रमण का खतरा कम होगा।