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ऐसा होगा अयोध्या में श्रीराम का मंदिर, देखने पर चौक जायेंगे आप!

अयोध्या में श्री राम के मंदिर को बनाने की तैयारियाँ जोरों-शोरों से चल रही है। राम मंदिर में उपयोग होने वाले पत्थरों की नक्काशी का काम 1980 के बाद शुरू कर दिया गया था। जब से कोर्ट ने आदेश दिया है कि विवादित स्थल पर श्री राम जी का मंदिर बनेगा। तब से उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने इस मंदिर पर काम करना शुरू कर दिया था। 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 5 अगस्त को  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के भूमि पूजन करने के बाद मंदिर को बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। श्री राम के मंदिर को बनने में ढाई से 3 साल का वक्त लगेगा।

इस मंदिर का नक्शा चंद्रकांत सोमपुरा ने बनाया है। चंद्रकांत सोमपुरा के पिता ने देश का सबसे भव्य मंदिर सोमनाथ का नक्शा बनाया था। चंद्रकांत सोमपुरा के अनुसार श्री राम जी का मंदिर दुनिया सबसे बड़े अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। श्री राम की मंदिर बनने के बाद अयोध्या भारत की वेटिकन सिटी बन जाएगा।

ऐसी होगी श्री राम के मंदिर की डिज़ाइन:

श्री राम की भव्य मंदिर को पारंपरिक तरीके से बनाया जाएगा। इस मंदिर में लोहे और स्टील का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।इस मंदिर को बनाने में नागर शैली का इस्तेमाल किया जाएगा। आर्किटेक्ट ने इस मंदिर की चौड़ाई 235 फीट रखी है। जबकि इसकी लंबाई 350 फीट और ऊंचाई 161 फीट रखीं गई है। इस मंदिर का निर्माण 2.75 लाख़ घन मीटर में किया जाएगा।यह मंदिर अष्टकोणीय रूप में बनकर तैयार होगा। इस मंदिर में प्रार्थना और पूजा के लिए मंडप को इतना विशाल बनाया जाएगा कि 55 हज़ार लोग एक साथ आरती का लाभ उठा पाएंगे।

इस मंदिर में प्रवेश करने के लिए पांच प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। जिनका नाम सिंहद्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, गूढ़ मंडप,गर्भगृह और परिक्रमा द्वार होगा।इस मंदिर में पहले अग्रभाग उसके बाद सिंहद्वार, नृत्यमंडप मंडल और रंग मंडप के पश्चात गूढ़ मंडप उसके पश्चात गर्भगृह होगा।गूढ़ मंडप के दाएं और बाएं कीर्तन मंडल और प्रार्थना मंडप बनाए जाएंगे।

दो मंजिला होगा श्री राम जी का मंदिर:

इस मंदिर को दो मंजिला बनाया जाएगा। जिसमें श्री रामलला की मूर्ति नीचे वाली मंज़िल के गर्भगृह में रहेगी।

दो मंजिला मंदिर में दो गर्भगृह होंगे। ऊपर वाली मंज़िल को रामलला के दरबार के रूप में बनाया जाएगा और इसमें  गर्भगृह में पुजारियों के बैठने हेतु एक अलग कमरा बनाया जाएगा।

इस मंदिर को बनाने के लिए 220 पिलर, 350 बीम, 108 खंभे निचली मंज़िल पर जबकि 108 खंभे ऊपरी मंज़िल पर बनाए जाएंगे। प्रत्येक खंबों पर देवी-देवताओं की तस्वीरों को उकेरा जाएगा। इस मंदिर की  दीवारों और छतों पर पुराणों और उपनिषदों की कथाओं को उकेरा जाएगा। इस मंदिर में कुल 24 दरवाज़े होंगे। इन दरवाजों  की चौखटे संगमरमर से बनाई जाएंगी। जिसे राजस्थान के मकराना स्थान से लाया जाएगा। इस पूरे मंदिर में फर्श के तौर पर ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया जाएगा। इस मंदिर के प्रवेश द्वार को भी इस संगमरमर से ही बनाया जाएगा।

65 फीट ऊंचा होगा शिखर और परिसर में होगा ये सब:

इस मंदिर के गर्भगृह के ऊपर  16.3 फीट का प्रकोष्ठ होगा। इस प्रकोष्ठ पर 65.3 फीट ऊंचा शिखर होगा।इस मंदिर के परिसर को भी बहुत बड़ा बनाया गया है। परिसर में श्री राम के मंदिर के आगे गणेश जी का और पीछे हनुमान जी का मंदिर भी बनाया जाएगा। इस मंदिर के परिसर में भोजनालय, आश्रम, शोध केंद्र, कर्मचारियों के कमरे, श्रद्धालुओं हेतु कमरे बनाए जाएंगे। राम मंदिर के परिसर में भगवान श्री राम की बहुत बड़ी मूर्ति लगाई जाएगी। साथ ही इस परिसर में भगवान राम के अलावा सभी देवी-देवताओं की छोटी मूर्तियां को भी लगाया जाएगा।

1 लाख़ करोड़ का होगा गर्भगृह

श्री राम के मंदिर को बनाने का ख़र्चा 2 लाख़ करोड़ से  ज्यादा होगा। यह मंदिर दुनिया का सबसे महँगा मंदिर बनेगा। इस मंदिर का सबसे महत्वपूर्ण भाग उसका गर्भगृह है। इसे बनाने में 1 लाख़ करोड़ से ज्यादा का ख़र्चा आएगा। इस मंदिर के पूरे गर्भगृह को हीरो और सोने से बनाया जाएगा। गर्भगृह की दीवारों और गर्भगृह के प्रवेश द्वार को सोने से बनाया जाएगा। इन पर 1 लाख़ से ज्यादा हीरे लगाएँ जाएंगे। गर्भगृह में रामलला की मूर्ति के साथ उनके भाइयों और सीता माता की मूर्ति रखी जाएगी।

इस मंदिर के गर्भगृह को सबसे अंतिम में बनाया जाएगा।

अयोध्या में राम मंदिर के बनने के बाद यह मंदिर भारत का सबसे प्रसिद्ध मंदिर होगा। एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन 35 से 40 हज़ार  से ज्यादा श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन के लिए आएँगेl

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